Mahashivratri

By Kundan Sharma
Mar 04 2019 1 min read

शिव की खोज में निकला,सम्पूर्ण भारत को खंगालता,रुद्राक्ष सी शीतल हिमालय पर्वतघुमावदार सर्पिल जटाओं से,बहती अविरल गंग धारा,सुशोभित चंद्रमौली कश्मीर,केदारनाथ में है त्रिनेत्र का अस्तित्व,वही से बरसता है प्रलय,दिल्ली रूपी कंठ पे है विष रोके,नागमुख पंजाब पहरे को सतर्क,सरजमीं की धूल है उनकेबदन पे लेपित राख,बनारस में स्थित है उनका हृदय,सिंह सा गुजरात मुख है उनका त्रिशूल,आसाम है उनका डमरू,बाकि बहनें उस डमरू का मनका,बिहार और

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