सियासी तंज

By Vishwas Vyas
Nov 15 2019 1 min read

  हसरतें रही दिल ही दिल में, जाने क्या ये घट गया, एक तेरी चाहत में रकीबो का भी मसला पट गया, अब मैं बना, न तू बना, न वो ही घोड़ी चढ़ सका, ढोल कर के रायता, हर एक घर मे सिमट गया।

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