शाम ओर चाय

By Azad Upadhyay
May 03 2021 1 min read

वो रोज के चाय के अड्डे पर जा कर, अपनी फ़िक्स बेंच पर जा कर  आमने सामने बैठ जाना,  बिना कुछ कहे ही स्पेशल चाय का आ जाना , एक बार तुम साथ तो आओ  मुझे फिर से देखना है क्या आज भी ऐसा ही है  या वक़्त के साथ  वो चाय वाला भी बदल गया ।     

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