वक्त

By Rakesh Dangi Kavi
Nov 08 2019 1 min read

वक्त ने करवट बदली सब रूट गए। पराए  ही क्या  अपने भी छूट गए। जाने कितने  सपने  सजाए रखे थे। अपने छूटे जिंदगी के सपने टूटू गए।।

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