भक्ति का रंग बेरंग न हो

By Mukesh Negi
Sep 19 2020 1 min read

  भक्ति का रंग बेरंग न हो जीवन ये मैला भंग न हो रखना हिफाज़त से इलाही किसी व्यर्थ से ये संग न हो।। सबकुछ मगर पैंसा नही है ये दिल खुदा जैसा नही है मैं कल जो था वो आज भी हूं लगता है क्यूं ऐसा नही है।। मन में बहुत सी आस होगी ये जिंदगी भी खास होगी इस वक्त के अनुसार चलना खुशियां तुम्हारे पास होगी।। आज होगा कल नही है संसार ये निर्बल नही है हर एक कमी इंसान मे है जिसके वह़म का हल नही है।। इस आसमां का शोर देखो हर आने वाली भोर देखो जहां

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Very nice thoughts