बताना हैं

By Mrunal Palsapure
Dec 02 2019 1 min read

मुझे तुम्हें बताना हैं तुझसे दूर रखकर मेरी जिंदगी को यादों का सहारा हैं, मैं कश्ती हूँ तूफान में एक और तू मेरा किनारा हैं, बस एक बार फिर तेरा दीदार हो, तुझे फिरसे मुझसे प्यार हो, फिर तू भी चुप रहे और मैं भी फिर हर अल्फ़ाज़ खामोश रहें और आंखों आंखों में बात हो।

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