बड़ी मुश्किलें तकरार में है

By Mukesh Negi
Sep 24 2020 1 min read

  बड़ी मुश्किलें तकरार में है नफरत का ह़ल बस प्यार मे है दिल में न होकर छवि खुदा की पत्थर की इस दीवार में है।। अबकी नही है ये कहानी बरसों की बातें है पुरानी रीति-रिवाजों भ्रम में ही इंसान की मिट गई जवानी।। छुआछूत का अब ये चलन है नफरत की आतिश और जलन है कैसे मिलेगा मोक्ष जग से मुश्किल खुदा से अब मिलन है।। जितनी भी जग में सैर की है कितनों से हमने वैर की है न सोचना ये वक्त अपना सांसे भी ये कुछ देर की है।। रातें घिरी जुन्हाईयों म

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