एक रोशन नजारा यार मेरा

By Mukesh Negi
Sep 26 2020 1 min read

  एक रोशन नजारा यार मेरा खामौश क्यूं दिलदार मेरा आगोश में अब ले मुझे तू आसान कर दुश्वार मेरा।। फ़ुरसत नही क्यूं आज मुझको बतला ज़रा वो राज़ मुझको जब-जब मैं आऊं पास तेरे होता बहुत है नाज़ मुझको।। दो पल का जीवन खेल प्यारे नरकों का भव है जेल प्यारे उल्फत ही है बस आसरा अब करले तू सबसे मेल प्यारे।। ये जिंदगी बस नाम कि है हर आत्मा धूरधाम कि है खुशियां नही जब घर पे अपने तो सौहरत भला किस काम कि है।। सबकुछ फना हो जाएगा नर चिंता तुझे

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