एक दिन

By Devendra Shukla
Dec 05 2020 1 min read

सुबह का समय था हम लोग अभी जंगल में आए ही थे मेरे वह तो बंदर जो थे वह अभी वहां पर सो रहे थे इनके सोने की भी एक अलग जगह है जो दूसरे मंजिल पर है और उन बंदरों ने घर को थोड़ा गंदा कर रखा था तो हम ने साफ़ किया और फ्रेगरेंस के लिए फूल लाना था मुझे फूल लेने के लिए एक स्टूडेंट नीचे उतरने के लिए पूछता है तब मैंने बोला कि नीचे उतरने की जरूरत नहीं है उसके लिए एक अलग जुगाड़ है दोस्तों वह जो बरगद का पेड़ था उसके सामने से हमने लकड़ी की सीढ़ी निकाल

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