आखिरी ज़कात

By Abhra Sengupta
Nov 30 2019 1 min read

आज बीमार पड़ा हुआ हूँ और बिस्तर पर पड़े पड़े मैं ये सोच रहा था कि हमे कहानियां क्यों चाहिए। क्या ज़रूरत है कहानियों की। खाली दिमाग़ शैतान का घर। बड़े बुज़ुर्ग ऐसे ही नहीं कह गए। बहुत सोचने के बाद लगा कि कहानियां इसलिए इस दुनिया में आईं ताकि वो एक तरह का संग ए मील बनें। जो भी अच्छा या बुरा हमारे साथ आज हो रहा है ये बताने के लिए कि वो पहले भी दूसरों के साथ हो चुका है और आगे भी होता रहेगा। लोग इस किस्म के हालात से पहले भी निकले हैं और बाद

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