अपना पीर खुदा अपने से

By Mukesh Negi
Sep 22 2020 1 min read

  अपना पीर खुदा अपने से पराया न हो कौन है ऐसा यहां जिसको जहां ने सताया न हो हर हाल पता है तुझको इस दिल का मेरा ऐसा कोई ग़म नही जो मैंने तुझे बताया न हो।। ऐ बेनज़ीर तेरी बंदगी को तरसता है दिल ऐसा कोई दिन नही जिस-दिन ख्याल टिकाया न हो।। मेरी तवज्जह गाफ़िल तेरे दीदार से हुई  ऐसा कोई तरीक़ा नही जो मैंने आजमाया न हो।। मेरा मकां है मुर्शिद तेरी दरियादिली को पाना ऐसा कोई वक्त नही जो मैंने लुटाया न हो।। कोई नजूमी नही जो पढ़ सके दि

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